हिन्दुत्व की राजनीति करने वालों ने ही तोड़ी हिन्दु संत महात्माओं की स्माधियां

हिन्दुत्व की राजनीति करने वालों ने ही तोड़ी हिन्दु संत महात्माओं की स्माधियां : गुरनाम सिंह चढूनी
भारतीय किसान यूनियन के राष्टीय अध्यक्ष बोले, राजस्थान के तिजारा विधानसभा में जाकर मठाधीश की खोलेगे पोल
औघड पीर डेरे की निजी सम्पति को किया खुर्द-बुर्द, सांधु संतों का किया अपमान, नहीं होगा बर्दाशत
भाजपा सांसद एवं मठाधीश पर लगाए चढूनी ने गंभीर आरोप, बोले, सरकार की शह पर अपने रस्ते से भटक गए है सांसद
मिशन एकता समिति की राष्टीय अध्यक्ष कांता आलडिया बोली, सांसद एवं मठाधीश समझौता कर बाद में मुकरे
हर्षित सैनी
रोहतक, 6 नवंबर ! भारतीय किसान यूनियन के राष्टीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने आरोप लगाया कि अपने आप को हिन्दुत्व की राजनीति करने वालो ने ही हिन्दु समाज की वर्षों पुरानी औघड पीर की समाधियों को ध्वस्त कर दिया और डेरे की जमीन को भी खुर्द बुर्द कर दिया। उनका कहना था कि आज वहीं लोग हिन्दुत्व का चोला पहन कर असंवैधानिक कार्यो को अंजाम दे रहे हैं।
        उन्होंने औघड पीर मामले को लेकर एक बार फिर सांसद एव मठाधीश पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सांसद ने सरकार की शह पर समाधियों को खंडित किया और उनके अनुयायियों व औघड पीर के महंत रमेशनाथ पर झूठा केस तक दर्ज करवाए हैं।
     चढूनी ने ऐलान किया कि राजस्थान के तिजारा विधानसभा से चुनाव लड़ रहे सांसद और मठाधीश के असंवैधानिक कार्यों की पोल पट्टी पूरे विधानसभा में एक एक घर तक जाकर जनता के सामने खोली जाएगी। उनका कहना था कि डेरे की सम्पति से मठाधीश ने अपने ऐशो आराम के लिए आलीशान महल तक बनाया है, जोकि साधु संतों का काम नहीं है।
       दूसरी ओर मिशन एकता समिति की राष्टीय अध्यक्ष कांता आलडिया ने भी मठाधीश सांसद बाबा बालकनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि एक साजिश के तहत वर्षों पुरानी औघड पीर की समाधियां खंडित की गई और बाद में मठाधीश समझौता करके मुकर गए, जिसको लेकर औघड पीर के अनुयायी अब तिजारा जाकर मठाधीश की जमानत जब्त कराई जाएगी।
     कांता आलडिया ने कहा कि भाजपा ने दलित व पिछड़े वर्ग के हितों की हमेशा अनेदखी है और अब सरकार तानाशाही पर उतर आई है। उन्होंने कहा कि औघड पीर स्माधि प्रकरण को लेकर समाज में सरकार व प्रशासन के खिलाफ भारी रोष है और एक षडयंत्र के तहत दलित साधु संतों की स्माधियों को तोड़ा गया है।
           भीम आर्मी चीफ मंजीत नोटियाल ने कहा कि भाजपा सरकार ने देश में महापुरूषों व संतों के डेरो पर हमला बोला है और भगवा की आड़ में असंवैधानिक कार्यो को अंजाम दिया है। उन्होंने औघड पीर स्माधियों का भी जिक्र किया और कहा कि 250 वर्ष पुराने डेरे को सत्ताधारियों ने कब्जा कर तहश नहस किया है।
     उन्होंने आरोप लगाया है कि अपने आप को हिन्दुत्व की ठेकेदार होने का दावा करने वाली भाजपा सरकार में डेरों की जमीनों को कब्जाया जा रहा है और यह सरकार की तानाशाही बन चुकी है। सरकार की इस तानाशाही के खिलाफ पूरी लड़ाई लड़ी जाएगी।
     सोमवार को किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी रोहतक पहुंचे और उन्होंने कई कार्यक्रमों में शिरक्त की। इसी दौरान मिशन एकता समिति की राष्ट्रीय अध्यक्ष कांता आलडिया व भीम सेना के चीफ मंजीत नोटियाल के साथ पत्रकारों से रूबरू हुए।
           किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने एसवाईएल को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि एसवाईएल सिर्फ राजनीतिक मुद्दा है और यह सिर्फ पंजाब व हरियाणा के भाईचारे को बिगाड़ने के लिए षडयंत्र है।
      उन्होंने कहा कि हाल ही में बेमौसम बरसात से पंजाब व हरियाणा में जो बाढ़ आई, जिससे काफी संख्या में नुकसान हुआ, अगर उस पानी का ही सरकार उचित प्रबंध कर लेती तो आगामी 2 साल तक हरियाणा में पानी की कोई कमी नहीं रहती है। एसवाईएल को लेकर केवल राजनीतिक पार्टियां अपनी राजनीति कर रही है। पराली जलाने से बढ़ते प्रदूषण को लेकर किसान नेता ने कहा कि किसान मजबूरी में परानी जलाते है क्योंकि सरकार द्वारा पराली को लेकर कोई उचित प्रबंध नहीं किए गए है। पराली प्रकृति सम्पति है। सरकार को पराली को लेकर विशेष ध्यान देना चाहिए।
         उन्होंने कहा कि सरकार को सभी शूगर मिलों में बिजली व एथलॉन प्लाट लगाने चाहिए, जिसमें पराली का इस्तेमाल कर बिजली बनाई जाए, इससे शूगर मिलों को भी फायदा होगा। इस अवसर पर औघड पीर बाबा महंत रमेश नाथ, कृष्ण माजरा , महेन्द्र बागड़ी, आशु, राजपाल प्रजापति प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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