Dangal Girl Death: दंगल में दिखाई दीं सुहानी भटनागर का 19 की उम्र में हुआ निधन

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Dangal Girl Death: दंगल में छोटी बबीता फोगाट की भूमिका निभाने वाली लड़की सुहानी भटनागर का निधन हो गया है। वह केवल 19 साल की थीं। उनके पूरे शरीर में लिक्विड जमा हो गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ समय पहले सुहानी का एक्सीडेंट हो गया था, जिससे उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया था। इलाज के दौरान उन्होंने जो दवाएं लीं थी, उसकी वजह से रिएक्शन हो गया था. इस रिएक्शन से उनके शरीर में लिक्विड जमा होने लगा था. वह काफी समय से दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती थीं.

  • ‘Dangal’ actor Suhani Bhatnagar died at the age of 19.
  • It was confirmed by Aamir Khan’s production house.
  • She suffered from a rare disease called dermatomyositis.
फिल्म में किरदार और अब की फोटो
फिल्म में किरदार और अब की फोटो

Suhani Bhatnagar: सुहानी भटनागर की मौत ने सबको चौंका दिया. फैंस उनके कमबैक का इंतजार कर रहे थे। वह हरियाणा के फरीदाबाद में रहती थीं। उनके पूरे शरीर में लिक्विड जमा हो गया था। महज 19 साल की उम्र में उनके निधन से हर कोई दुखी है। फरीदाबाद के अजरौंदा श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार शनिवार को होगा।

आमिर खान के साथ फोटो
आमिर खान के साथ फोटो

सुहानी भटनागर ने आमिर खान की फिल्म ‘दंगल’ में बबीता फोगाट के बचपन का किरदार निभाया था। फिल्म के गाने ‘बापू सेहत के लिए हानिकारक’ में उनकी स्क्रीन प्रेजेंस को खूब पसंद किया गया था। फिल्म में उनका किरदार छोटा था, लेकिन उन्होंने लोगों का दिल जीत लिया। बाद में बबीता फोगाट का किरदार सान्या मल्होत्रा ने निभाया था।

गाने का लिंक 👇 – दंगल फिल्म का “बापू सेहत के लिए हानिकारक” गाना

 

‘हरियाणा एक, आपातकालीन नंबर एक’ पर सभी प्रकार की डायल 112 पर मिलेगी सहायता-एके चावला

‘हरियाणा एक, आपातकालीन नंबर एक’ पर सभी प्रकार की डायल 112 पर मिलेगी सहायता-एके चावला
प्यारा हिन्दुस्तान न्यूज नेटवर्क
चण्डीगढ़, 7 नवम्बर। हरियाणा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एके चावला ने कहा कि प्रदेश के लोगों को अब ‘हरियाणा एक, आपातकालीन नंबर एक’ पर सभी प्रकार की सहायता प्राप्त होगी। इसके लिए हरियाणा पुलिस ने एक दर्जन से अधिक सुविधाओं को एक ही डायल 112 पर संकलित किया है। अब राज्य का कोई भी व्यक्ति इन सेवाओं का लाभ सिर्फ एक 112 पर डायल करके ले सकता है।
          चावला ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सभी प्रकार की हेल्पलाइन को 112 से जोड दिया गया है ताकि किसी भी व्यक्ति को भिन्न-भिन्न शिकायतों के लिए अलग-अलग नम्बरों पर शिकायत न करना पड़े। इसके साथ ही डायल 112 पर प्राप्त होने वाली शिकायतों से मात्र 8 मिनट 8 सेकेंड में ही शिकायतकर्ता को सहायता पहुंचाने का कीर्तीमान स्थापित किया है। इसमें डायल 112 गाड़ियां की 628 गाड़ियां तथा 33 महिला पुलिस के वाहनों को शामिल किया गया है।
       चावला ने बताया कि इन सेवाओं में पुलिस सहायता नम्बर 112 व 100, महिला सुरक्षा के लिए प्रयोग किया जाने वाला नम्बर 1091, यातायात की 1073, मूक व बधिर की हेल्पलाइन, साइबर अपराध का 1930, दुर्गा शक्ति ऐप, डी.एस.आर.ए.एफ एवं थानों से संबंधित सीसीटीएनएस के नम्बर, फायर ब्रिगेड का 101, एनएचएआई का 1033, आपदा संबंधित 1070 एवं 1077, उपचार हेतू एम्बूलैंस तथा महिला एवं बाल सुरक्षा के लिए प्रयोग किए जाने वाली हेल्पलाइन 181 और 1098 को अब डायल 112 से जोड़ दिया गया है। राज्य का कोई भी व्यक्ति अब 112 पर डायल कर उक्त सभी प्रकार की सहायता प्राप्त कर सकता है।

दीपावली पर किस मुहूर्त में पूजा करना होगा फलदायी

12 नवंबर को है दीपोत्सव, खास मुहूर्त में करें पूजा

भारत का प्रसिद्ध पर्व दीपावली 12 नवंबर को है। इस बार लक्ष्मी पूजा के लिए 6 मुहूर्त हैं, जो दोपहर 1.15 से रात 2.32 तक रहेंगे। इनमें हर वर्ग के लोग अपने हिसाब से खास मुहूर्त में पूजा कर सकते हैं। इस बार दीपावली पर आठ शुभ योग बन रहे हैं। इनमें पांच राजयोग और अन्य 3 शुभ योग रहेंगे। ऐसा संयोग पिछले 700 साल में नहीं बना। आईये जानते हैं क्या हैं ये शुभ योग और शुभ मुहूर्त।

दीपावली पर शुभ मुहूर्त

पं. गिरिराज के अनुसार, दीपावली पर इस बार सबसे शुभ मुहूर्त शाम 5:40 से शाम 8:16 तक रहेगा। घर में पूजा का मुहूर्त 5:41 से 8:57 रहेगा। वहीं, दुकान व कारखाने में पूजा के लिए दोपहर 1:15 से 2:58 और सायं 5:41 से 8:51 तक शुभ योग बन रहा है। साधकों के लिए रात 12:19 से 2:32 तक पूजा का मुहूर्त है। इनमें पूजा करना फलदायी रहेगा।

11 या 12 नवंबर कब मनाई जाएगी छोटी दिवाली?

दिवाली से ठीक एक दिन पहले छोटी दिवाली का पर्व मनाया जाता है। दिवाली से पहले छोटी दिवाली इसलिए मनाई जाती है क्योंकि, इस दिन हनुमान जयंती भी होती है और इसी दिन भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर नामक असुर का वध किया था। इसलिए इसे नरक चतुर्दशी भी कहते हैं। 11 नवंबर को 1 बजकर 59 मिनट से चतुर्दशी तिथि आरंभ हो रही है और अगले दिन 12 नवंबर को दोपहर के 2 बजकर 45 मिनट तक रहेगी। छोटी दिवाली 11 नवंबर शनिवार 2023 को मनाई जाएगी। नरक चतुर्दशी के दिन यमराज के नाम से दीया जलाया जाता है। इसे दक्षिण दिशा में जलाया जाता है। साथ ही यह दीया पितरों के नाम का भी होता। ध्यान रखें की छोटी दिवाली के दिन अपने घर में कम से कम 5 या 7 दिए जरुर जलाएं जिनमें से एक दक्षिण दिशा में घर से बाहर रख दें।

धनतेरस पर यह एक सिक्का आपकी किस्मत बदल सकता है

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नए खरीदे बर्तन में इसे डालकर भगवान कुबेर को करें अर्पित

कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। इस वर्ष 10 नवंबर को धनतेरस है। धनतेरस पर यदि आपको एक सिक्का मिल जाता है तो यह आपकी किस्मत बदल सकता है। आमतौर पर धनतेरस पर लोग बर्तनों की खरीदारी जरूर करते हैं। मान्यता है कि जब समुद्र मंथन में भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए तो उनके हाथ में एक कलश था। इस वजह से ही धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा है, लेकिन इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि इस दिन लोहे, एल्यूमीनियम और स्टील के बर्तन न खरीदें। आप जो भी बर्तन खरीदें उसमें एक सिक्का डलवा लें। आईये आपको बताते हैं यह सिक्का कौन सा होना चाहिए और किससे डलवाना चाहिए।

दुकानदार से ही डलवाएं नए बर्तन में सिक्का

धनतेरस पर जब आप नया बर्तन खरीदते हैं तब उसका पूरा पैसा आप चुका दें। इसके बाद दुकानदार को कहें कि आप अपनी इच्छानुसार कोई सिक्का इस बर्तन में डाल दें। ध्यान रखें कि सिक्का दुकानदार से ही डलवाएं आप खुद न डालें। इसके बाद इस बर्तन को घर लाकर इसमें खीर या मिठाई रखकर भगवान कुबेर की पूजा कर उन्हें अर्पित करें। मान्यता है कि ऐसा करने से आपके सौभाग्य में वृद्धि होगी और दुर्भाग्य दूर हो जाएगा।

दीपदान कर पाएं लंबी आयु का वरदान

मान्यता है कि धनतेरस के दिन भगवान यमराज को दीपदान करने से अकाल मृत्यु नहीं होती। आप संध्याकाल में आटे का चौमुखी दीपक बनाकर उसे अपने घर के द्वार पर दक्षिणी दिशा की ओर रखें और इसके साथ में थोड़ी सरसों, काली मिर्च और लौंग रखें। इसके अलावा अपने घर 13 और दीपक भी जलाएं।

माता लक्ष्मी के मंत्र का करें जाप

* ओम् महालक्ष्म्यै नमो नम:

विष्णुप्रियायै नमो नम:

धनप्रदायै नमो नम:

विश्वजनन्यै नमो नम:

* श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नम:

* ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमो नम:

* लक्ष्मी नारायण नम:

भगवान कुबेर के इस मंत्र का करें जाप

* ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं में देहि दापय।।

* ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः ।।

* ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः ।।

भगवान धन्वन्तरि के इस मंत्र का करें शुद्ध उच्चारण

* ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवा य धन्वंतराये:

अमृतकलश हस्ताय सर्वभय विनाशाय सर्वरोगनिवारणाय ।

त्रिलोकपथाय त्रिलोकनाथाय श्री महाविष्णुस्वरूप

श्री धन्वंतरी स्वरूप श्री श्री श्री औषधचक्र नारायणाय नमः ।।

* ॐ धन्वंतरये नमः ।।

NO NUT NOVEMBER (नो नट नवंबर): एक मानसिक और शारीरिक चुनौती

नवंबर महीना आया है, और बहुत सारे लोगों के लिए यह महीना “नो नट नवंबर” के नाम से जाना जाता है। लेकिन यह नाम थोड़ा अजीब सा लग सकता है, ना? तो चिंता न करें, हम इसके बारे में सारल शब्दों में बताएंगे कि यह क्या है और क्यों लोग इसमें शामिल होते हैं।

नो नट नवंबर क्या है?

नो नट नवंबर का मतलब होता है कि नवंबर महीने के दौरान कुछ लोग अपने अंदर की ताकत को जागरूक करने के लिए कुछ नियमों का पालन करते हैं। इसमें यह नियम होते हैं कि वे इस महीने के दौरान सेक्स नहीं करें या अंदरुनी संतोष की ओर ध्यान न दें।

क्यों लोग करते हैं नो नट नवंबर?

नो नट नवंबर का मुख्य उद्देश्य है स्वास्थ्य और आत्म-नियंत्रण को मजबूत करना। यह एक चुनौती हो सकती है, लेकिन इसके कुछ फायदे भी हो सकते हैं:

  1. स्वास्थ्य के लिए लाभकारी: इससे आपके अंदर की ताक़त को बढ़ावा मिल सकता है और स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है।
  2. आत्म-नियंत्रण: इसमें सेक्स और अंदरुनी संतोष को नियंत्रित करना सिखने का मौका हो सकता है, जो आत्म-नियंत्रण को मजबूत कर सकता है।
  3. सामाजिक जागरूकता: नो नट नवंबर के माध्यम से लोग सामाजिक जागरूकता फैलाते हैं और अपने अंदरुनी संतोष की प्रति सजग रहते हैं।

नो नट नवंबर की चुनौतियाँ

नो नट नवंबर का पालन करना आसान नहीं हो सकता है और यह कुछ लोगों के लिए कठिनाइयों का सामना कराता है। इसमें कुछ चुनौतियाँ हो सकती हैं:

  1. आत्म-नियंत्रण: आत्म-नियंत्रण बनाए रखना आसान नहीं हो सकता है, और इसमें सफलता पाने के लिए आपको मेहनत करनी पड़ेगी।
  2. मानसिक तनाव: कुछ लोगों के लिए नो नट नवंबर का पालन मानसिक तनाव और परेशानी का कारण हो सकता है।
  3. योग्यता: यह चुनौती सबके लिए उपयुक्त नहीं होती है, और किसी के लिए यह करना मुश्किल हो सकता है।

समापन

नो नट नवंबर एक सामाजिक चुनौती है जो आपके अंदर की ताक़त को मजबूत करने का मौका प्रदान करती है। आपके लिए यह चुनौती हो सकती है या नहीं, यह आपकी स्वास्थ्य और आत्म-नियंत्रण के प्रति आपकी सोच पर निर्भर करेगा।